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Lesson-1 ज्योतिष शास्त्र क्या है? What is Astrology?


ज्योतिष शास्त्र क्या है ?
What is astrology

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ज्योतिष शास्त्र क्या है (What is Astrology)- 
ज्योतिष शास्त्र एक ऐसा विष्य है जिसके द्वारा ग्रहो की स्थिति, उनकी धरती से दूरी,  उनका अंश (Degree) और ऐसे ही ग्रहो और नक्षत्रों के मानव और पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों को जाना जाता है | ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है तब उस सम्य और स्थान पर सभी 9 ग्रहों की क्या स्थिति है उसके हिसाब से किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली बनती है, उस सम्य और स्थान में जो ग्रहों की स्थिति भाव, उनका अंश, ग्रहों की योग कारक अथवा मारक स्थिति होती है उसी हिसाब से व्यक्ति की जन्म कुंडली बनती है| यह कुंडली व्यक्ति के 12 भावों को दर्शाती है, जैसे पहला भाव व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ होता है यदि ज्योतिष के हिसाब से किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य देखना हो तो उस व्यक्ति के पहले भाव पर विचार किया जाता है, पहले भाव में कौन से गृह है, उनकी दृष्टि कौन से घर पर पड़ रही है, उस गृह का अंश क्या है, गृह सूर्य के साथ अस्त तो नहीं है, गृह मारक है या योग कारक इन सभी बातों का विश्लेषण करके उस व्यक्ति के स्वास्थ्य के ऊपर विचार किया जाता है, ऐसे ही दूसरा भाव आपकी वाणी, धन संचित और आपके परिवार के साथ सबंध को दर्शाता है| अभी आपको इन बातों की कुछ समझ नहीं आएगी मगर यदि आप मेरे सभी Lesson को बहुत ध्यानपूर्वक अध्ययन करोगे तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं के आप खुद अपना भी और दूसरे लोगों की कुंडली का विश्लेषण कर सकोगे और उनका समाधान भी कर सकोगे| हमारी जब कुंडली बनती है तो हमारी कुंडली में कुछ अच्छे गृह होते हैं जिनको हम योग कारक गृह कहते है और कुछ गृह बुरा प्रभाव डालने वाले होते हैं जिनको हम मारक गृह कहते है, आप हमारे इस ज्योतिष शास्त्र के कोर्स में बहुत आसानी से सीख जायोगे के आपकी कुंडली में कौन से योग कारक गृह है और कौन से मारक गृह हैं | ऐसा देखने में आया है कि कई ज्योतिष बहुत बड़े दावे करते हैं कि हम ज्योतिष शास्त्र के द्वारा व्यक्ति की जिंदगी में बहुत बड़ा चमत्कार कर देंगे, मगर ज्योतिष शास्त्र कोई चमत्कार दिखाने की विद्या नहीं है, इसमें सारा काम ग्रहो के अध्ययन से किया जाता है यह प्रकिया बिलकुल वैज्ञानिक है | हमारे आधुनिक युग में वैज्ञानिक दावा करते हैं के हमने 1700 ईस्वी के करीब ग्रहों को खोजा है मगर जब हम इस विष्य का गहराई से अध्ययन करेंगे तो हमें पता चलेगा के पराशर ऋषि और भृगु ऋषि जैसे विद्वानों ने हज़ारों साल पहले इन ग्रहों के बारे में ग्रंथों में लिख दिया है, कब सूर्य ग्रहण लगेगा, कब चंद्र ग्रहण लगेगा, यह सब बातों का वर्णन और ऐसा जानने वाली ज्योतिष शास्त्र विद्या का उन्होंने पहले ही उल्लेख कर दिया है| हमारे ऋषिओं ने ज्योतिष विज्ञान बताया है के प्रत्येक व्यक्ति पर 9 ग्रहों की तिरोंगों का प्रभाव होता है और यदि किसी गृह का अंश(डिग्री) कम है और वह गृह योग कारक है तो उस गृह की तिरंगों का हमारे शरीर में सही ढंग से संचार नहीं हो रहा है,  जैसे जब सुबह या शाम को सूर्य का अंश (Degree) बहुत कम होती है और उसकी तिरंगे या किरणे हमारे शरीर पर ज्यादा असर नहीं करती,  उस योग गृह की तिरंगों का सही से संचार करने के लिए हम रतन धारण करते हैं तांकि हमारा योग कारक गृह बलवान हो सके| याद रहे ज्योतिष शास्त्र में सिर्फ विज्ञान है, मगर जिन झोली-शाप ज्योतिषों को इसका ज्ञान नहीं है वह इसको अन्धविश्वास से जोड़ देते हैं | हम आपको आगे अपने इस Free Astrology Classes में बहुत सरल तरीके से समझाएँगे कि आपको रतन कब पहनना चाहिए, महादशा और अंतरदशा क्या होती है, मारक गृह और योग गृह क्या होते हैं, कुंडली के 12 भाव क्या होते हैं, नक्षत्र क्या होते हैं, राज योग कैसे बनता है, आप कुंडली का विश्लेषण कैसे कर सकते हो, किसी गृह को शांत कैसे किया जाता है| मगर याद रहे कि यदि आप गहराई तक ज्योतिष का ज्ञान हासिल करना चाहते हो तो आपको हमारे पहले पाठ्य से शुरु करके अंत तक एक एक करके लड़ीवार अध्ययन करना है, यदि आप बीच बीच में पड़ना शुरु कर दोगे तो आपका विश्लेषण गलत भी हो सकता है क्यूंकि ज्योतिष शास्त्र वैजानिक सिद्वांतों के साथ विश्लेषण करता है, जैसे मान लो अपने बीच में से नींच भंग राज्य योग क्या होता है इसका लेक्चर छोड़ दिया तो आप कुंडली देखकर बिलकुल उल्टा विश्लेषण कर दोगे, इसलिए यदि आप गहराई से ज्योतिष शास्त्र सीखना चाहते हो तो आपको श्रृंखला से एक एक करके पड़ना होगा| यदि आपको हमारे इस कोर्स में कुछ भी समझ नहीं आता है तो आप हमको कमेंट बॉक्स में सवाल पूछ सकते हो आपको तुरंत उत्तर दिया जाएगा| धन्यवाद -जय जय राम 

 कुंडली दिखाए:- आप घर बैठे कुंडली का विश्लेषण करा सकते हो। सम्पूर्ण कुंडली विश्लेषण में लग्न कुंडली, चंद्र कुंडली, नवमांश कुंडली, गोचर और अष्टकवर्ग, महादशा और अंतरदशा, कुंडली में बनने वाले शुभ और अशुभ योग, ग्रहों की स्थिति और बल का विचार, भावों का विचार, अशुभ ग्रहों की शांति के उपाय, शुभ ग्रहों के रत्न, नक्षत्रों पर विचार करके रिपोर्ट तैयार की जाती है। सम्पूर्ण कुंडली विश्लेषण की फीस मात्र 500 रुपये है।  Whatsapp-8528552450 Barjinder Saini (Master in Astrology)

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