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गणेश बीज मंत्र साधना विधि और महत्व - Ganesh (Ganpati) Mantra Sadhna in Hindi

गणेश बीज मंत्र साधना विधि और महत्व  Ganesh(Ganpati) Mantra Sadhna in Hindi गणेश बीज मंत्र साधना का महत्व - 33 कोटि देवताओं में से सबसे प्रथम स्थान गणेश भगवान को प्राप्त है। हिन्दू  धर्म  में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणेश भगवान को पूजा जाता है। गणेश भगवान रिद्धि और सिद्धि के देवता हैं। जो भी व्यक्ति इनकी शरण में आता है  उनके सभी कार्य   आपने आप सिद्ध होने शुरू हो जाते हैं।   भगवान गणेश जी को बुद्धि का देवता भी कहा जाता है। इनकी भक्ति करने से व्यक्ति की बुद्धि की क्षमता बहुत बढ़ जाती है। यदि कोई व्यक्ति गौरी पुत्र गणेश जी को इष्ट मान कर इनके बीज मंत्र की साधना निरंतर रूप से करना शुरू कर देता है तो उस व्यक्ति से सभी कार्य संपन्न होने शुरू हो जाते हैं और वह व्यक्ति संसार में एक अलग शवि से पहचाना जाता है। हम आपको गणेश भगवान के बीज मंत्र की सम्पूर्ण और सरल साधना की विधि बताते हैं। यदि आप श्रद्धा और विश्वास से यह साधना प्रारम्भ कर देते हो तो आप बहुत जल्द गणपति भगवान की कृपा के पत्र बन सकते हो।  गणेश मंत्र साधना विधि - Ganesh Mantra Sadhna V...

सुर सुंदरी यक्षणी साधना विधि- Sur Sundari Yakshini Mantra Sadhna

सुर सुंदरी यक्षणी साधना विधि Sur Sundari Yakshini Mantra Sadhna  सुर सुंदरी यक्षणी साधना की सम्पूर्ण  विधि - सभी यक्षणी साधनाओं में से सुर सुंदरी देवी की साधना बहुत अहम स्थान रखती है। यह साधना प्रतिष्ठा, भौतिक सुख, सम्पति, धन, तेज़, आकर्षण प्रदान करने वाली साधना है। कई लोगों ने यक्षणी साधनाओं के बारे में बहुत मिथ्या और डरावनी बातों का विख्यान करके लोगों को इन यक्षणी साधनाओं से बहुत दूर कर दिया है। मगर सच तो यही है कि जैसे हम अन्य देवी-देवताओं की साधना करके उनकी कृपा प्राप्त करते हैं, वैसे ही यह यक्षणीयां भी हमें देवताओं की भांति प्रसन्न होकर वरदान देती हैं। इन यक्षणी साधना की विशेषता यह है कि यह बहुत शीघ्र फल प्रदान करने वाली साधना है। यदि कोई साधक इनकी साधना पूर्ण निष्ठा और विश्वास से शुरू कर दे तो उसे अलौकिक अनुभूतियाँ होने लगती हैं और यक्षणी देवी प्रसन्न होकर उसे मन-इच्छित वरदान देती हैं।  आपका एक और भ्रम दूर कर दें कि यक्षणी का प्रत्यक्षीकरण करना कोई आसान बात नहीं है। जैसा आप ज्यादातर किताबों में पढ़ते हैं कि 21, 30 या 40 दिन साधना करने से सुर सुंदरी यक्षणी व्यक्ति के स...

बगलामुखी मंत्र साधना विधि - Baglamukhi Mata Mantra sadhna in Hindi

बगलामुखी मंत्र साधना विधि  Baglamukhi Mata Mantra sadhna in Hindi  माँ बगलामुखी की उत्पति:-  माँ बगलामुखी की उत्पति को लेकर 3 कथाएं प्रचलित हैं। पहली कथा में कहा जाता है कि ऋषि विश्वामित्र जी ने दूसरे स्वर्ग की इच्छा से गायत्री देवी का कठोर तप करना शुरू किया था, जिससे प्रसन्न होकर गायत्री देवी ने ऋषि विश्वामित्र को वर मांगने को कहा तो ऋषि विश्वामित्र ने गायत्री देवी से दूसरे स्वर्ग की मांग की। गायत्री देवी ने विश्वामित्र को यह वर देने से इंकार कर दिया। जिससे ऋषि विश्वामित्र ने क्रोध में आकर गायत्री देवी को शापित कर दिया। इससे गायत्री देवी ने क्रोधित होकर एक उग्र रूप धारण कर लिया। माँ के इस उग्र रूप में उनके मुख के चारों और वल्गा (सुरक्षा कवच) चल रहा था। माँ के इस उग्र रूप को बगलामुखी का नाम दिया गया । माता का यह ब्रह्मचारिणी रूप था और माँ ने पीत (पीले) रंग का जनेऊ और पीत (पीले) रंग के वस्त्र धारण किये हुए थे। दूसरी कथा के अनुसार कहा जाता है कि एक बार भगवान विष्णु को क्षीर सागर में विश्राम करते हुए पृथ्वी पर राक्षशों द्वारा उनको भक्तों को प्रताड़ित करने का ज्ञात हुआ तो उन्ह...

गुरु नानक देव जी का इतिहास- History of Guru Nanak Dev ji

गुरु नानक देव जी का सम्पूर्ण इतिहास History of Guru Nanak Dev ji in Hindi गुरु नानक देव जी का जन्म (Birth of Guru Nanak Dev ji):- गुरु नानक देव जी सिख धर्म के पहले गुरु थे और इनका जन्म 15 अप्रैल 1469 ई. को पाकिस्तान के जिल्हा शेखुपुरा के गांव तलवंडी में हुआ था|जिसको आजकल ननकाना साहिब बोले जाता है| गुरु नानक देव जी के पिता का नाम मेहता कालू राय था और माता का नाम त्रिप्ता देवी था| गुरु नानक देव जी बेदी वंश से सबंध रखते थे| गुरु नानक देव जी की बहन का नाम बीबी नानकी था| गुरु नानक देव जी के पिता किसी राजपूत जिमीदार के पास मुंशी का कार्य करते थे|  जन्म के समय चमत्कार:- सिख धर्म में मान्यता है कि जब गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था, वहां पर जन्म के सम्य एक अलौकिक रौशनी फैल गई थी और वहां पर अनहद स्वर सुनाई पड़े थे| गुरु नानक के खानदानी प्रोहित हरदयाल ने जन्म के सम्य यह घोषणा की थी कि यह बच्चा कोई अवतारी पुरुष है और इसका नाम और प्रसंशा धरती और आकाश दोनों स्थानों में होगी|  गुरु नानक देव जी का बचपन और शिक्षा : गुरु नानक देव जी बचपन से ही प्रभु की भक्ति में मगन रहते थे और वह गरीब लोग...

How to Meditation in hindi-ध्यान साधना कैसे करें

How to Meditation in Hindi ध्यान साधना कैसे करें  ध्यान का अर्थ (Meaning of Meditation in hindi):- यदि कोई व्यक्ति अंदर से शांति प्राप्त करना चाहता है तो वह केवल ध्यान की प्रक्रिया के द्वारा ही इस आनंदित अनुभूति को प्राप्त कर सकता है| ध्यान (Meditation) हमें वर्तमान में लेकर आता है और आनंद की प्राप्ति सिर्फ वर्तमान में ही होती है| इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति या तो अपने भूतकाल (गुजरे हुए सम्य) के बारे में सोचता रहता है या फिर भविष्य (आने वाले सम्य) को लेकर चिंतित रहता है| यह हमारा जो मन है हमेशा इन दोनों अवस्थाओं में रहता है और यह दोनों अवस्थाएं  हमें केवल चिंतित ही करती हैं| हम अपने गुजरे हुए सम्य को लेकर परेशान रहते हैं कि काश हम ऐसा कर लेते तो शायद खुश होते या फिर भविष्य को लेकर तरह तरह की योजनाए बनाते रहते हैं| मगर ना तो भूतकाल को हम बदल सकते हैं और ना ही भविष्य को अपने अनुसार चला सकते हैं| हमारे अकारण दुखी रहने का कारण भी यही है| वर्तमान में हम कभी जीते ही नहीं हैं| यही हमारे दुख का कारण है और ध्यान साधना (Meditation) हमारे मन को भूतकाल और भविष्य  से खींच कर वर्तमान...

सर्व-देवता हवन मंत्र - Mantra for Havan in Hindi

सर्व-देवता हवन मंत्र Mantra for Havan in Hindi. हवन शुरू करने की विधि और मंत्र-  यह पढ़ने से पहले आप यह जान लें कि यह सर्वतो-भद्रमंडल देवतानां हवन की विधि है और यदि आप हवन करने की सम्पूर्ण विधि की जानकारी चाहते हो तो आप हमारे पेज सरल हवन विधि पर क्लिक करके प्राप्त कर सकते हो।  सर्व देवता हवन मंत्रों से सभी देवताओं, नवग्रहों, स्वर्ग-देवताओं, सप्त-ऋषिओं, स्वर्ग अप्सराओं, सभी समुन्द्र देवताओं, नवकुल-नागदेवता आदि को आहुतियां देकर प्रसन्न कर सकते हो| यह जो आपको नीचे मंत्र बताए गए हैं इन मंत्रों के हवन को सर्वतो-भद्रमंडल देवतानां होम: कहते हैं|  हमारे हिन्दू ग्रंथों में 4 प्रकार के यज्ञ प्रत्येक व्यक्ति को करने के लिए कहा गया है| यह 4 यज्ञ इस प्रकार हैं, 1. देव यज्ञ 2. भूत यज्ञ 3. मनुष्य यज्ञ 4. पितृ यज्ञ| देव यज्ञ में सभी देवताओं को अग्नि में आहुति देकर अग्नि देव की पत्नी स्वाहा के द्वारा देवताओं तक भोग सामग्री पहुंचाई जाती है| यह सभी देवता इससे प्रसन्न होकर व्यक्ति को संसारिक भोग का सुख प्रदान करते हैं और उसको सुखों की प्राप्ति होती है| यह सर्व-देव यज्ञ से घर की नकारत्मक ऊर्जा...

राहु बीज मंत्र विधि और लाभ - Rahu Beej Mantra in hindi

राहु बीज मंत्र का महत्व Beej Mantra of Rahu in hindi राहु बीज मंत्र विधि और लाभ - राहु और केतु छाया ग्रह होते हैं। इनको अदृश्य ग्रह भी कहा जाता है। राहु को नाग का मुख भी कहा जाता है। राहु ग्रह का प्रत्येक कुंडली में बहुत अधिक महत्व होता है। यह ग्रह कुंडली के जिस भाव में बैठता है, जिस राशि के साथ बैठता है और जिन ग्रहों पर अपनी दृष्टि डालता है, उन सबको प्रभावित करता है। कुंडली में राहु को शनि से भी अधिक पापी ग्रह माना गया है। राहु को शनि का छाया ग्रह कहा जाता है। राहु की तीन दृष्टियां जिन ग्रहों और भावों पर पड़ती है वह सब राहु से प्रभावित होते हैं। कुंडली में यदि राहु अच्छी स्थिति में हो तब भी यह व्यक्ति को गलत कार्यों से ही सफलता प्रदान करता है क्यूंकि राहु का कारक शराब, नशीली दवायें, जुआ-खाना, जेल, चरस, हस्पताल आदि होते हैं और यह योग कारक अर्थात बलि होने पर भी व्यक्ति को इन क्षेत्रों के द्वारा सफलता प्रदान करते हैं। राहु व्यक्ति की बुद्धि को चतुर तो करता है मगर राहु व्यक्ति की बुद्धि को उल्ट कार्यों में ही लगाता है। राहु के शुभ होने पर व्यक्ति शराबखाने, जुए, कीटनाशक दवाएं, हस्पताल, शमशा...

शुक्र बीज मंत्र विधि और लाभ - Beej Mantra of Shukra Grah

शुक्र ग्रह बीज मंत्र   Beej Mantra for Shukra Grah शुक्र बीज मंत्र जपने का महत्व - कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति योग कारक और बलशाली होने पर व्यक्ति सुख-वैभव, ऐशो-आराम, सुंदर एवं सुशील पत्नी, भोगों का सुख आदि से संपन्न होता है| शुक्र दानव ग्रह होते हुए भी एक सौम्य ग्रह है|हम ऐसा भी कह सकते हैं कि शुक्र ग्रह सुख-सुविधाओं का ग्रह होता है| यह व्यक्ति को रंक से राजा बनाने वाला ग्रह होता है|  मगर यदि कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी ना हो तब उस व्यक्ति को सुख-सुविधा में कमी, पत्नी सुख में कमी, पुरुष के शुक्राणुओं में कमी, समाज में प्रतिष्ठा की कमी होती है| यदि आपकी कुंडली में शुक्र मारक होकर बैठा है, शत्रु राशि में है या त्रिक भावों में बैठा है और किसी तरह का योग इसकी काट नहीं कर रहा तब आप शुक्र ग्रह के बीज मंत्र का जाप करके शुक्र ग्रह के कारकत्व को मारकत्व में बदल सकते हो| शुक्र ग्रह का बीज मंत्र व्यक्ति को सभी प्रकार के सुख देने में समक्ष होता है| शुक्र ग्रह की कृपा होने पर व्यक्ति जगत में विख्यात होने लगता है| यदि आप अभिनेता, मॉडलिंग जैसे क्षेत्र में जाने के इच्छुक हो तो आप शुक...