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शुक्र बीज मंत्र विधि और लाभ - Beej Mantra of Shukra Grah

शुक्र ग्रह बीज मंत्र 

Beej Mantra for Shukra Grah

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शुक्र बीज मंत्र जपने का महत्व -कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति योग कारक और बलशाली होने पर व्यक्ति सुख-वैभव, ऐशो-आराम, सुंदर एवं सुशील पत्नी, भोगों का सुख आदि से संपन्न होता है| शुक्र दानव ग्रह होते हुए भी एक सौम्य ग्रह है|हम ऐसा भी कह सकते हैं कि शुक्र ग्रह सुख-सुविधाओं का ग्रह होता है| यह व्यक्ति को रंक से राजा बनाने वाला ग्रह होता है| 

मगर यदि कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी ना हो तब उस व्यक्ति को सुख-सुविधा में कमी, पत्नी सुख में कमी, पुरुष के शुक्राणुओं में कमी, समाज में प्रतिष्ठा की कमी होती है| यदि आपकी कुंडली में शुक्र मारक होकर बैठा है, शत्रु राशि में है या त्रिक भावों में बैठा है और किसी तरह का योग इसकी काट नहीं कर रहा तब आप शुक्र ग्रह के बीज मंत्र का जाप करके शुक्र ग्रह के कारकत्व को मारकत्व में बदल सकते हो| शुक्र ग्रह का बीज मंत्र व्यक्ति को सभी प्रकार के सुख देने में समक्ष होता है| शुक्र ग्रह की कृपा होने पर व्यक्ति जगत में विख्यात होने लगता है| यदि आप अभिनेता, मॉडलिंग जैसे क्षेत्र में जाने के इच्छुक हो तो आप शुक्र बीज मंत्र का जाप करके सफलता प्राप्त कर सकते हो| याद रहें यदि शुक्र बीज मंत्र का जाप श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए तभी लाभ होगा| यदि आपकी कुंडली में शुक्र मारक है या कोई अन्य दोष है तब इसका रत्न हीरा, ओपल या फ़िरोज़ा कभी भी धारण मत करें या किसी अच्छे ज्योतिष की परामर्श लेकर धारण करें|

शुक्र ग्रह बीज मंत्र  
Beej Mantra for Shukra Grah

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः 
ॐ शुं शुक्राय नमः 

Shukra Beej Mantra in English

Om Dram Drim Drom Sah Shukraye Namha. 
Om Shum Shukraye Namha. 

शुक्र बीज मंत्र की विधि (Shukra beej Mantra Vidhi):- ऊपर दिए गए दोनों बीज मंत्रों से आप किसी एक मंत्र का जाप कर सकते हो| विधि इस प्रकार है|
* शुक्र बीज मंत्र का जाप किसी शुक्रवार वाले दिन से शुरू करना है|
* शुक्र बीज मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला या स्फटिक की माला से करना है|
* पहले दिन जाप शुरू करने से पहले गणेश पूजा, गुरु पूजा और कुलदेव की पूजा करनी है|
* जाप करने के लिए सफ़ेद रंग के आसन का प्रयोग करना है|
* जाप करते वक़्त दीप और धूप का प्रयोग करें तो अच्छा है|
* शुक्र बीज मंत्र की रोज़ाना कम से कम एक माला जाप जरूर करना है यदि अधिक कर सकते हो तो लाभ भी अधिक होगा|

शुक्र बीज मंत्र के लाभ (Shukra Beej Mantra Benefits):- शुक्र ग्रह को सुख-सुविधाओं का ग्रह माना जाता है| प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में यदि शुक्र की स्थिति सही हो और बलशाली होकर किसी अच्छे भाव में बैठा हो तो व्यक्ति सर्वे-सुख साधनों से परिपूर्ण होता है| पुरुष के लिए पत्नी का कारक ग्रह शुक्र होता है| कुंडली में पत्नी सुख देखने के लिए सबसे पहले शुक्र की स्थिति देखी जाती है| समाज में व्यक्ति की प्रतिष्ठा का कारक भी शुक्र होता है, आपको कई ऐसे अभिनेता या नेता देखने को मिलेंगे, जिनकी कुंडली में शुक्र योग कारक और बलशाली होकर बैठा है|
यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह मारक अवस्था में होगा या कुंडली के त्रिक भावों में से किसी भाव में बैठा होगा और विपरीत राज योग की स्थिति नहीं बन रही होगी तो आपकी जिंदगी में सुख-सुविधाओं में कमी होगी और यदि किसी पुरुष की कुंडली में शुक्र मारक हो तब उसके पत्नी सुख में कमी आती है और उसके शुक्राणु से सबंधित भी परेशानी आ सकती है|
यदि आपकी कुंडली में शुक्र मारक है, सूर्य से अस्त है, शत्रु क्षेत्री है या त्रिक भावों में से किसी भाव में बैठा है तब आप शुक्र बीज मंत्र का जाप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं| ऊपर दिए गए शुक्र मंत्र का जाप कोई भी कर सकता है, इससे आपको सुख साधनों में बढ़ोतरी होगी, समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी, पत्नी का सुख मिलता है और शुक्र को ख्वाहिशों का ग्रह भी कहा गया है| इसके बीज मंत्र के जाप से आपकी ख्वाहिशें सम्पूर्ण होनी शुरू हो जाती है|

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