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बुध ग्रह बीज मंत्र विधि और लाभ - Beej Mantra of budh grah

बुध ग्रह बीज मंत्र
Beej Mantra for Budh Grah

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बुध ग्रह बीज मंत्र विधि और लाभ- बुध ग्रह को बुद्धि का ग्रह कहा जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध योग कारक होकर बलि अवस्था में हो तो उस व्यक्ति की बुद्धि बहुत तीक्षण होती है। मिथुन और कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध होता है। जिन व्यक्तिओं की लग्न या चंद्र राशि मिथुन या कन्या होती है उनको बुध के बीज मंत्र का जाप करने से बहुत लाभ प्राप्त होता है। जिस किसी की भी कुंडली में बुध ग्रह यानि बुद्धि का ग्रह योग कारक (मित्र) होकर बैठा हो उस व्यक्ति की बुद्धि इतनी तीक्षण होती है कि उनके पास हर बात का समाधान होता है। इस तरह के लोग पत्रकारिता, शिक्षक, तकनीकि, वकालत, ज्योतिष, संपादक, राजनैतिक प्रवक्ता के क्षेत्र में बहुत अच्छी पहचान बना लेते हैं।

मगर जिनकी कुंडली में बुध ग्रह मारक होकर, अस्त होकर या कुंडली के त्रिक भावों (6,8,12) में बैठा हो तब किसी अच्छे ज्योतिष की परामर्श लेकर बुध के बीज मंत्र का जाप शुरू करें। वैसे किसी भी ग्रह का जाप करने के लिए आपको किसी ज्योतिष की परामर्श लेने की आवश्यकता नहीं होती है, इसके जाप से लाभ ही प्राप्त होता है। कुंडली में बुध की स्थिति ख़राब होने से व्यक्ति की बुद्धि की शक्ति कम हो जाती है। जैसे यदि कोई छात्र है तो उसकी समरण शक्ति कम हो जाती है। हम ऐसा भी कह सकते हैं कि बुध की स्थिति ख़राब होने से व्यक्ति अपनी बुद्धि का सही उपयोग नहीं कर पता है।
यदि आपकी कुंडली में बुध मारक अवस्था में है या त्रिक भावों में से किसी एक भाव में बैठा है तो किसी अच्छे ज्योतिष की परामर्श लेकर बुध का रत्न पन्ना धारण करें। याद रहे यदि किसी की कुंडली में कोई ग्रह मारक होकर बैठा हो तब उसका रत्न धारण करने से उसका मारकत्व और बढ़ जाता है और नकारत्मक परिणाम मिलने शुरू हो जाते हैं। इसलिए कुंडली में किसी भी मारक ग्रह का रत्न धारण मत करें।   

बुध ग्रह का बीज मंत्र- Beej Mantra of Budh Grah

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय: नमः 
ॐ बं बुधाय: नमः 

Budh Beej Mantra in English

Om Bram Brim Brom Budhaye Namha.
Om Bum Budhaye Namha.
 
बुध मंत्र की विधि (Budh Beej Mantra vidhi): आपको जो ऊपर बुध ग्रह के बीज मंत्र दिए गए हैं आप उन दोनों बीज मन्त्रों में से किसी एक मंत्र का जाप कर सकते हो। इसकी विधि इस प्रकार है।
* बुध बीज मंत्र का जाप अपने किसी बुधवार वाले दिन को शुरू करना है।
* मंत्र जाप से पहले गणेश पूजा, गुरु पूजा और कुलदेवता की पूजा करनी अनिवार्य है।
* बुध मंत्र का जप करते समय दीप और धूप का प्रयोग करना है।
*बुध बीज मंत्र में बुध यन्त्र को पूजा स्थान में रखकर पूजा करने से विशेष लाभ होता है। यन्त्र खरीदने के लिए सिद्ध बुध यन्त्र पर क्लिक करें। जब मंत्र साधना सम्पूर्ण हो जाये तो बुध यन्त्र को चलते पानी में विसर्जन कर दें। 
* बुध बीज मंत्र का जाप आप किसी भी माला से कर सकते हो हो सके तो रुद्राक्ष की माला से जाप करें और रोज़ाना कम से कम एक माला जाप जरूर करें।

बुध मंत्र जाप के फायदे (Budh Beej Mantra Benefits): जैसे आपको ऊपर बताया गया है कि बुध ग्रह को बुद्धि का गृह माना जाता है और इसके बीज मंत्र का जाप करने से आपकी स्मरण शक्ति बढ़ने लगती है और आप में बोलने की कला भी आने लगती है। बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करने से बुद्धि इतनी तीक्षण हो जाती है कि व्यक्ति जिस किसी भी क्षेत्र में कार्य करता है वहां पर अपनी तीक्षण बुद्धि से विख्यात होने लगता है। यदि किसी छात्र की समरण शक्ति कम है अर्थात उसको ज्यादा पढ़ने पर भी कुछ समरण नहीं रहता तो वह बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करके अपनी स्मरण शक्ति बढ़ा सकता है।     

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 नोट- नवग्रहों के बीज मंत्र की विधि|

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