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12 राशियों को कुंडली में कैसे देखे- 12 Rashi in kundali

12 राशियों को कुंडली में कैसे देखे 
12 Rashiyan in kundali

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कुंडली में 12 राशियों का महत्व (12 Rashi in Kundali):- ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ज्योतिष शास्त्र की गणता हमारे आकाशमण्डल में ग्रहों की स्थिति और चाल के आधार पर की जाती है और यह 9 ग्रह हमारे आकाशमण्डल में अलग-अलग दुरी और गति से 360° अंश (डिग्री) पर भ्रमण करते रहते हैं। जब यह ग्रह 360° अंश (डिग्री) से आकाश में भ्रमण करते हैं तो आकाश में इनकी दूरी और स्थिति का ज्ञात हम राशियों और नक्षत्रों से लगाते हैं कि किस समय और स्थान पर किसी ग्रह की स्थिति क्या है। 
हम आपको सरल तरीके से समझते हैं कि हमारे आकाशमण्डल में राशियों का क्या महत्व है? जैसे आप जानते हो कि हमारे आकाशमण्डल में 9 ग्रह 360° अंश (डिग्री) में भ्रमण करते रहते हैं और इन सभी ग्रहों की चलने की गति और पृथ्वी से दूरी अलग-अलग होती है और ज्योतिष शास्त्र में इन ग्रहों की पृथ्वी से दूरी और चलने की गति का ज्ञात करने के लिए सम्पूर्ण आकाशमण्डल को 12 भागों में बाँट दिया गया है और उन 12 भागों को राशिओं का नाम दिया गया है। ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह आकाशमण्डल में भ्रमण करते हुए प्रत्येक व्यक्ति पर अपनी रश्मियों से प्रभाव डालते हैं और व्यक्ति की जन्म कुंडली के आधार पर अपना अच्छा या बुरा फल देते हैं। यदि आप जन्म कुंडली की विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हो तो हमारे पेज 'जन्म कुंडली का महत्व' पर क्लिक करके हासिल कर सकते हो।

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12 राशियां और उनके नंबर:- जैसे आप ऊपर चित्र नंबर. 1 में देख रहें हो कि इस कुंडली में यहाँ लग्न लिखा है उसको हम लग्न भाव (Lagna House) या प्रथम भाव (First House) कहते हैं और इस लग्न भाव या प्रथम भाव का कुंडली में बहुत महत्व होता है| इस चित्र नंबर. 1 में जो लग्न भाव या प्रथम भाव में 3 नंबर लिखा है,  यह राशि का नंबर होता है| इस नंबर से ही हमें ज्ञात होता है कि प्रथम भाव या लग्न भाव में कौन सी राशि है| जैसे 3 नंबर राशि मिथुन राशि होती है, तो यह कुंडली मिथुन लग्न की कुंडली बनती है|आप ऊपर चित्र नंबर. 1 में देख सकते हो कि प्रत्येक राशि का क्या नंबर होता है| जैसे 4 नंबर राशि कर्क होती है और 5 नंबर राशि सिंह राशि होती है| आप ऊपर चित्र नंबर.1 में राशि और उनके नंबर को अच्छी तरह से याद कर लें|
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जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है तब उसके जन्म समय और स्थान के आधार पर देखा जाता है कि उस वक़्त सभी ग्रह की आकाशमण्डल की क्या स्थिति है और उस व्यक्ति की जन्म कुंडली बनाकर उन ग्रहों की स्थिति उसमें लिख दी जाती है। जैसा आप ऊपर देख रहे हो कि चित्र नंबर. 2 में यह किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली है और इस पूरी जन्म कुंडली को आकाशमण्डल मान कर इसको 12 राशियों अर्थात 12 भागों में बाँट दिया जाता है और व्यक्ति के जन्म स्थान और जन्म समय पर सभी 9 ग्रहों की स्थिति यहाँ पर होती है उसको वहां पर लिख दिया जाता है। व्यक्ति की जन्म कुंडली में यह राशियां निर्धारित करती हैं कि आपकी कुंडली में कोई ग्रह आपको अच्छा फल देगा या बुरा फल देगा। कुंडली में कोई ग्रह आपको कैसा फल देगा इसकी जानकारी आप हमारे पेज योग करक और मारक ग्रह पर क्लिक करके इसकी सम्पूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हो। 

12 राशियों के स्वामी ग्रह (12 Rashi ke Swami Grah) इन सभी 12 राशियों के स्वामी ग्रह होते हैं और यह सभी राशियां अपने स्वामी ग्रह के आधार पर ही व्यक्ति को अच्छे या बुरे फल देती हैं। ज्योतिष शास्त्र में किसी व्यक्ति के स्वभाव और चरित्र का विख्यान उसकी चंद्र राशि और लग्न राशि देखकर ही करते हैं और उस राशि के स्वामी ग्रह के गुण देखकर ही हम उस व्यक्ति के बारे में बताते हैं। हम आपको नीचे बताते हैं कि किस राशि का स्वामी ग्रह कौन है।   

राशि          राशि नंबर           राशि का स्वामी ग्रह   
मेष              1                      मंगल 
वृषभ           2                      शुक्र 
मिथुन          3                       बुध 
कर्क            4                       चंद्र 
सिंह            5                       सूर्य 
कन्या          6                        बुध 
तुला            7                       शुक्र 
वृश्चिक         8                       मंगल 
धनु             9                       बृहस्पति (गुरु)
मकर          10                      शनि 
कुंभ           11                      शनि 
मीन           12                      बृहस्पति (गुरु)

कुंडली दिखाए:- आप घर बैठे कुंडली का विश्लेषण करा सकते हो। सम्पूर्ण कुंडली विश्लेषण में लग्न कुंडली, चंद्र कुंडली, नवमांश कुंडली, गोचर और अष्टकवर्ग, महादशा और अंतरदशा, कुंडली में बनने वाले शुभ और अशुभ योग, ग्रहों की स्थिति और बल का विचार, भावों का विचार, अशुभ ग्रहों की शांति के उपाय, शुभ ग्रहों के रत्न, नक्षत्रों पर विचार करके रिपोर्ट तैयार की जाती है। सम्पूर्ण कुंडली विश्लेषण की फीस मात्र 500 रुपये है।  Whatsapp- 8360319129 Barjinder Saini (Master in Astrology)

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