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देह (शरीर) रक्षा शाबर मंत्र -Deh Raksha shabar mantra

 देह (शरीर)रक्षा शाबर मंत्र
Deh Raksha Shabar Mantra

देह (शरीर) रक्षा शाबर मंत्र,   deh sharir raksha shabar mantra


रक्षा मंत्र की जरुरत क्यों ?:- हमारे इस ब्रह्माण्ड में 2 तरह की शक्तियां प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावित करती है| वह 2 शक्तियां हैं सकारत्मक शक्ति और नकारत्मक शक्ति (Positive Energy and Negative Energy). 
हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं कि यह दोनों शक्तियां व्यक्ति पर अच्छा या बुरा प्रभाव कैसे डालती हैं और आप नकारत्मक शक्ति से सकारत्मक शक्ति की और कैसे जा सकते हैं | हमारे ब्रह्माण्ड में ना दिखने वाली असंख्य सूक्षम रूहें भ्रमण करती हैं| वह भी हमारे ऊपर अपना सकारत्मक और नकारत्मक प्रभाव डालती हैं।
आपने भी कभी महसूस किया होगा कि जब कभी अब किसी धार्मिक स्थान पर जाते हो तब आपके मन के भाव बदल जाते हैं और आपको एक अजीब सी शांति प्रतीक होती है। इसी तरह से जब कभी आप किसी नकारत्मक सोच वाले लोगों के बीच बैठते हो तब आपकी सोच भी नकारत्मक होनी शुरू हो जाती है और आपका मन बिना कारण बेचैन होना शुरू हो जाता है। यदि किसी व्यक्ति में सकारत्मक शक्ति की कमी हो तब यह नकारत्मक रूहें आपके ऊपर बहुत जल्द हावी हो जाती हैं और फिर अपनी कई इच्छाओ की पूर्ति आपके शरीर के द्वारा करनी शुरू कर देती हैं और आप कुछ समझ ही नहीं पाते कि आपके साथ क्या हो रहा है। इस नकारत्मक शक्ति या नकारत्मक रूहों से बचाव करने के लिए देह रक्षा मंत्र बहुत उपयोगी होता है। इसके रोज़ाना जाप करने से आपकी नकारत्मक शक्ति नष्ट हो जाती है और नकारत्मक रूहों से भी आपकी रक्षा होती है। अब हम आपको आगे देह रक्षा के शाबर मंत्र की विधि बताते हैं कि आप कैसे इस शाबर मंत्र का जाप करके नकारत्मक शक्तियों से अपना बचाव कर सकते हो।  
 
देह रक्षा शाबर मंत्र की विधि :- आपको यह तो पता ही होगा कि शाबर मंत्र बहुत जल्द अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देते हैं और शाबर मन्त्र को सिद्ध करने के लिए किसी विशेष विधि की भी जरुरत नहीं होती है। इसकी विधि इस प्रकार है। 
1. देह रक्षा शाबर मंत्र का जाप पूर्व अथवा उतर दिशा की और मुख करके करनी है।
2.इस मंत्र का जाप आप किसी भी दिन शुरू कर सकते हो,मगर जितने दिन की आपने साधना करनी है उतने दिन रोज़ाना जाप करने के लिए एक स्थान, एक समय और एक जप संख्या होना चाहिए।
3.जाप करते समय किसी आसन का उपयोग जरूर करें।
4.पहले दिन जाप शुरू करने से पहले गणेश पूजा ,गुरु पूजा और कुलदेव पूजा करके फिर संकल्प लेकर जाप शुरू करें। यदि आप संकल्प लेने की विधि नहीं जानते हो तो हमारे पेज संकल्प लेने की विधि पर क्लिक करके जानकारी प्राप्त कर सकते हो।
5.जाप करते वक़्त यदि हो सके तो धूप और देसी घी के दीपक का उपयोग जरूर करें ,आप इसके बिना भी जाप कर सकते हो। मगर जाप करते वक़्त एक जल का लोटा आगे जरूर रखना है और रोज़ाना उस जल को बदलना है।
6.मंत्र जाप के लिए आप तुलसी या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग कर सकते हो।   
7.जितने दिन साधना करनी है उतने दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना है। मन में गलत विचारों को प्रवेश नहीं करने देना है,तभी आपको सफलता मिलेगी।
8.यदि संभव हो सके तो जितनी जप संख्या में आपने आप किया है उसका दशांश (दसवां हिस्सा) मंत्र आहुतियों का हवन जरूर करना चाहिए। इससे मंत्र की शक्ति बढ़ जाती है ,मगर यह जरुरी भी नहीं है। यदि आप हवन करने की विधि नहीं जानते हो तो आप हमारे पेज सरल हवन विधि के ऊपर क्लिक करके इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हो।
9.आखिर में सबसे जरुरी बात जो प्रत्येक साधक को सफल बनाती है, वह है आपका श्रद्धा और विश्वास। यदि आप शंकावान होकर कोई साधना करोगे तो आपको कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। इसलिए मंत्र में आपकी जितनी श्रद्धा और विश्वास होगा उतनी जल्द ही आपको सफलता मिलेगी।

देह रक्षा शाबर मंत्र (Deh Raksha Shabar Mantra) 

ॐ नमो परमात्मने, 
पर ब्रह्मा मम शरीरे, 
पाहि पाहि कुरु कुरु स्वाहा| 

Mantra in english
Om namo parmatmane, 
Pr-Brahma mm sharire, 
Pahe pahe kuru kuru swaha
 
मंत्र का प्रयोग कैसे करें : जब आपकी 11, 21, 31 या 41 दिन की साधना सम्पूर्ण हो जाये फिर भी रोज़ाना एक माला जपते रहना है ,नहीं तो कम से कम २१ बार तो जरूर करना चाहिए। तभी मंत्र प्रभावशाली होता है। जब कभी भी इसका प्रयोग करना हो इस मंत्र का जाप करके अपनी छाती पर फूंक लगानी है। इस तरह से आपकी रक्षा होती है और आपके ऊपर किसी भी ऊपरी छाया,भूत-प्रेत आदि का कोई प्रभाव नहीं होता है। यह चीज़े आपसे कोंसो दूर रहेंगी। जो इसका जाप रोज़ाना करते हैं उनके पास वैसे ही कोई नकारत्मक शक्ति अपना प्रभाव नहीं डालती और बुरे ग्रहों के प्रभाव से भी बचाव होता है।    
 
 
 

 



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