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सर्व कार्य सिद्धि पद्मावती मंत्र- sarv karya sidhi padmawati mantra sadhna

सर्व कार्य सिद्धि पद्मावती मंत्र Sarv Karya Sidhi Padmawati Mantra  यह पद्मावती देवी की सर्व-मनोकामना सम्पूर्ण और सर्व-संकट हरने वाली साधना है| यदि कोई साधक पद्मावती के इस मंत्र का 11, 21, 31 या 41 दिन का अनुष्ठान सम्पूर्ण करने के बाद रोज़ाना इसकी एक माला जाप करना शुरू कर देता है तो उसकी सभी मनोकामना अपने आप सम्पूर्ण होनी शुरू हो जाती हैं और उसकी ज़िन्दगी में आने वाली सभी विपत्तियों को देवी हर लेती है|  साधना विधि:- यह साधना आप किसी भी शुकल पक्ष के रविवार या मंगलवार को शुरू कर सकते हो| साधना करने की विधि और नियम इस प्रकार हैं:-  1. साधना शुरू करने से पहले स्वच्छ स्थान का च्यन करें और वहां पर सामने पद्मावती देवी या दुर्गा देवी की प्रतिमा स्थापित करें| देवी की प्रतिमा पूर्व या उतर दिशा की और स्थापित करें|  2. देवी की प्रतिमा के आगे देसी घी का दीपक, धूप और जल का लौटा रखें| भोग के लिए किशमिश या कोई अन्य मिष्ठान रोज़ाना रखें और बाद में कन्याओं में बाँट दें| 3. मंत्र जाप के लिए लाल आसन का प्रयोग करें और रोज़ाना स्वच्छ होकर और स्वच्छ वस्त्र पहन कर साधना करें|मंत्र जाप के लिए र...

गुरु नानक देव जी का इतिहास- History of Guru Nanak Dev ji

गुरु नानक देव जी का सम्पूर्ण इतिहास History of Guru Nanak Dev ji in Hindi गुरु नानक देव जी का जन्म (Birth of Guru Nanak Dev ji):- गुरु नानक देव जी सिख धर्म के पहले गुरु थे और इनका जन्म 15 अप्रैल 1469 ई. को पाकिस्तान के जिल्हा शेखुपुरा के गांव तलवंडी में हुआ था|जिसको आजकल ननकाना साहिब बोले जाता है| गुरु नानक देव जी के पिता का नाम मेहता कालू राय था और माता का नाम त्रिप्ता देवी था| गुरु नानक देव जी बेदी वंश से सबंध रखते थे| गुरु नानक देव जी की बहन का नाम बीबी नानकी था| गुरु नानक देव जी के पिता किसी राजपूत जिमीदार के पास मुंशी का कार्य करते थे|  जन्म के समय चमत्कार:- सिख धर्म में मान्यता है कि जब गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था, वहां पर जन्म के सम्य एक अलौकिक रौशनी फैल गई थी और वहां पर अनहद स्वर सुनाई पड़े थे| गुरु नानक के खानदानी प्रोहित हरदयाल ने जन्म के सम्य यह घोषणा की थी कि यह बच्चा कोई अवतारी पुरुष है और इसका नाम और प्रसंशा धरती और आकाश दोनों स्थानों में होगी|  गुरु नानक देव जी का बचपन और शिक्षा : गुरु नानक देव जी बचपन से ही प्रभु की भक्ति में मगन रहते थे और वह गरीब लोग...

12 राशियों को कुंडली में कैसे देखे- 12 Rashi in kundali

12 राशियों को कुंडली में कैसे देखे  12 Rashiyan in kundali कुंडली में 12 राशियों का महत्व (12 Rashi in Kundali):- ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ज्योतिष शास्त्र की गणता हमारे आकाशमण्डल में ग्रहों की स्थिति और चाल के आधार पर की जाती है और यह 9 ग्रह हमारे आकाशमण्डल में अलग-अलग दुरी और गति से 360° अंश (डिग्री) पर भ्रमण करते रहते हैं। जब यह ग्रह 360° अंश (डिग्री) से आकाश में भ्रमण करते हैं तो आकाश में इनकी दूरी और स्थिति का ज्ञात हम राशियों और नक्षत्रों से लगाते हैं कि किस समय और स्थान पर किसी ग्रह की स्थिति क्या है।  हम आपको सरल तरीके से समझते हैं कि हमारे आकाशमण्डल में राशियों का क्या महत्व है? जैसे आप जानते हो कि हमारे आकाशमण्डल में 9 ग्रह 360° अंश (डिग्री) में भ्रमण करते रहते हैं और इन सभी ग्रहों की चलने की गति और पृथ्वी से दूरी अलग-अलग होती है और ज्योतिष शास्त्र में इन ग्रहों की पृथ्वी से दूरी और चलने की गति का ज्ञात करने के लिए सम्पूर्ण आकाशमण्डल को 12 भागों में बाँट दिया गया है और उन 12 भागों को राशिओं का नाम दिया गया है। ज्योतिष शास्त्र म...

How to Meditation in hindi-ध्यान साधना कैसे करें

How to Meditation in Hindi ध्यान साधना कैसे करें  ध्यान का अर्थ (Meaning of Meditation in hindi):- यदि कोई व्यक्ति अंदर से शांति प्राप्त करना चाहता है तो वह केवल ध्यान की प्रक्रिया के द्वारा ही इस आनंदित अनुभूति को प्राप्त कर सकता है| ध्यान (Meditation) हमें वर्तमान में लेकर आता है और आनंद की प्राप्ति सिर्फ वर्तमान में ही होती है| इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति या तो अपने भूतकाल (गुजरे हुए सम्य) के बारे में सोचता रहता है या फिर भविष्य (आने वाले सम्य) को लेकर चिंतित रहता है| यह हमारा जो मन है हमेशा इन दोनों अवस्थाओं में रहता है और यह दोनों अवस्थाएं  हमें केवल चिंतित ही करती हैं| हम अपने गुजरे हुए सम्य को लेकर परेशान रहते हैं कि काश हम ऐसा कर लेते तो शायद खुश होते या फिर भविष्य को लेकर तरह तरह की योजनाए बनाते रहते हैं| मगर ना तो भूतकाल को हम बदल सकते हैं और ना ही भविष्य को अपने अनुसार चला सकते हैं| हमारे अकारण दुखी रहने का कारण भी यही है| वर्तमान में हम कभी जीते ही नहीं हैं| यही हमारे दुख का कारण है और ध्यान साधना (Meditation) हमारे मन को भूतकाल और भविष्य  से खींच कर वर्तमान...

रत्नों का अर्थ और महत्व - Meaning of Gemstone in hindi

रत्नों का अर्थ और महत्व  Meaning of Gemstone in hindi   रत्नों का हमारे वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व बताया गया है। रत्नों का प्रयोग सोने और चांदी की ज्वेलरी में किया जाता है। यह रत्न दो प्रकार के होते हैं। 1. कीमती रत्न (Precious Stone) 2. अर्द्ध-कीमती रत्न (Non-Precious Stone)। जो रत्न दुर्लभ होते हैं और जिसका उत्पादन किसी विशेष स्थान से बहुत कम मात्रा में होता है, उसको हम कीमती (Precious Stone) रत्न कहते हैं। कीमती रत्न में श्रीलंका का नीलम (Blue Sapphire) और पीला पुखराज (Yellow Sapphire), पाडर का नीलम और पुखराज, दक्षिणी समुन्द्र का सुच्चा मोती (Pearl), हीरा (Diamond), ऑस्ट्रेलियन फायर ओपल (Australian Fire Opal) आदि आ जाते हैं। इन कीमती रत्नों (Precious Stone) की कीमत हज़ारों से शुरू होकर लाखों तक होती है। वहीँ अर्द्ध-कीमती रत्न (Non-Precious Stone) सामान्य खदानों और पत्थरों से प्राप्त हो जाते हैं। अर्द्ध-कीमती रत्न में लहसुनिया (Cat's Eye Stone), मूंगा (Coral), सामान्य सुच्चा मोती (Common Pearl), गोमेद (Hessonite) आदि आ जाते हैं। इन रत्नों की कीमत कम ही होती है। इसके...

बटुक भैरव मंत्र साधना सम्पूर्ण विधि - Batuk Bhairav Mantra Sadhna

बटुक भैरव मंत्र साधना Batuk Bhairav Mantra Sadhna  बटुक भैरव बहुत ही शीघ्र प्रसन्न होने वाले और तुरंत फल देने वाले देवता हैं। यह दुर्गा माता के लाडले पुत्र और शिव के अवतार हैं। यदि इनको अपना इष्ट बनाकर इनकी साधना प्रारम्भ की जाए तो आपकी ज़िंदगी के सभी कष्ट धीरे-धीरे ख़तम होने लगते हैं। नवग्रहों में से किसी भी गृह का दोष कुंडली में चल रहा हो आप बटुक भैरव जी के मंत्र की साधना करके उसका निवारण कर सकते हो।  यदि कोई साधक इनको अपना इष्ट मानकर रोज़ाना इनके मंत्र का जाप श्रद्धा और विश्वास के साथ करने लग जाता है तो बटुक भैरव जी आठों पहर (24 घंटे) उसकी छाया की तरह साथ रहकर रक्षा करते हैं। बटुक भैरव जी का जिस घर में मंत्र जाप रोज़ाना होता हो वहां पर जादू-टोना या कोई भी बुरी शक्ति का प्रभाव नहीं रहता है। बटुक भैरव जी का तीनों लोक में ऐसा प्रभाव है कि काल भी इनके नाम से कांपता है। बटुक भैरव मंत्र साधना के कुछ दिनों के बाद ही व्यक्ति को अनुभूतियाँ होनी शुरू हो जाती हैं। साधना के दौरान कई तरह के चमत्कार होने शुरू हो जाते हैं। यह सब बातें मैं अपने खुद के अनुभव से लिख रहा हूं। मैंने जिस विधि से बट...